धूल से बचाव कैसे करें?

फ़िल्टरमास्क में इस्तेमाल होने वाली रुई एक्यूपंक्चर प्रक्रिया द्वारा बनाई जाती है, जिसमें खोलना, मिलाना, कंघी करना, जाल बिछाना और लपेटना शामिल है।

इसमें धूलरोधी प्रभाव कैसे होता है? आइए इसे विस्तार से समझते हैं।

मास्क फिल्टर कॉटन में निम्नलिखित विशेषताएं हैं: उच्च सरंध्रता, स्थिर आकार, राख को आसानी से हटाने की क्षमता, उच्च धूल प्रतिरोध, सफाई में आसान, मजबूत नमी प्रतिरोध, स्थिर गुणवत्ता, बड़ी धूल धारण क्षमता, हवा की धूल का प्रभावी पृथक्करण और लंबी सेवा जीवन।

धूल से बचाव का सिद्धांत है: फ़िल्टरिंग, यानी जब धूल मास्क के फ़िल्टर कॉटन पर पड़ती है, तो अवरोधों की परतों के बाद, धूल के कुछ बड़े कण मास्क के फ़िल्टर कॉटन में ही अटक जाते हैं।

2.5 माइक्रोन से कम आकार के श्वसनीय धूल कणों को फिल्टर सामग्री से गुजरने की प्रक्रिया के दौरान रोक दिया जाता है, जिससे हवा को फिल्टर करने में मदद मिलती है।

साथ ही, मास्क के फिल्टर में लगी रुई हवा में मौजूद धूल को रोकने और छानने में बहुत प्रभावी होती है, और यह धूल की एक परत जल्दी से बना सकती है जिससे धूल को दूसरी बार इकट्ठा किया जा सके, जिससे हवा में मौजूद धूल को गहराई तक जाने से रोका जा सके।

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पोस्ट करने का समय: 26 अगस्त 2019
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